एक महीने में केजरीवाल सरकार को दूसरा बड़ा झटका, CBI ने मंत्री सत्‍येंद्र जैन पर कसा शिंकजा

 नई दिल्‍ली ;

आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों के अयोग्‍य घोषित किए जाने के मामले के बाद अब पार्टी के लिए नई मुश्किल खड़ी हो गई है. सीबीआई ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन और उन कंपनियों जहां वह निदेशक थे, से कथित रूप से संबंधित करीब दो करोड़ रुपये की बैंक जमा पर्चियां और संपत्ति दस्तावेज बरामद किए हैं. एजेंसी सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी.

वहीं, आम आदमी पार्टी की तरफ से उसके नेता दिलीप पांडे ने कहा है कि यह बीजेपी द्वारा सत्‍येंद्र जैन की छवि को खराब किए जाने का नया प्रयास है. उन्‍होंने एक ट्वीट में यह बात की और कुछ जानकारियों साझा कीं.

उधर, अरविंद केजरीवाल के मीडिया सलाहकार नागेंद्र शर्मा ने इस पर कहा कि अब भाजपा ने यह नया षड्यंत्र रचा है. जिन काग़ज़ों का ज़िक्र CBI कर रही है, वो सारे काग़ज़ सत्‍येंद्र जैन CBI को ख़ुद से दो बार दे चुके हैं और पिछले कई वर्षों की इनकम टैक्स रिटर्न में घोषित की गई है. इन में नया क्या है? भाजपा सरकार केवल उनकी छवि ख़राब करने की कोशिश कर रही है. उन्‍होंने अगले ट्वीट में कहा कि सत्‍येंद्र जैन को फंसाया जा रहा है. सत्‍येंद्र का उस रजिस्ट्रार से दूर-दूर का कोई रिश्ता नहीं है. अब तक बीजेपी सत्‍येंद्र के ख़िलाफ़ अन्य मामलों में कुछ नहीं निकाल पाई. यहां तक कि भाजपा सरकार को अभी तक हाईकोर्ट से सत्‍येंद्र के ख़िलाफ़ दायर अन्य मामलों में लगातार फटकार लगी है.

सूत्रों ने कहा कि दिल्ली दंत परिषद के रजिस्ट्रार ऋषिराज के आवासों पर छापेमारी के दौरान यह दस्तावेज बरामद हुए. उन्हें एक अन्य मामले में शुकवार को गिरफ्तार किया गया था. इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आरोप लगाया कि यह केन्द्र द्वारा जैन की छवि खराब करने का प्रयास है और उनका रजिस्ट्रार से कोई लेना देना नहीं है. ऋषिराज और परिषद के वकील एन प्रदीप शर्मा को शुक्रवार रात एक डॉक्‍टर से 4.7 लाख रुपये की रिश्वत कथित रूप से लेते हुए गिरफ्तार किया गया था. एजेंसी सूत्रों ने कहा कि बाद में ऋषिराज के आवास पर छापेमारी के दौरान एजेंसी ने कराला गांव में जैन के नाम के संपत्ति दस्तावेज, आप नेता, उनकी पत्नी पूनम तथा जेजेआईटीएल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर चेक बुक बरामद किए.

सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा, ‘‘सीबीआई ने दिल्ली दंत परिषद से पसंदीदा आदेश पाने तथा एक मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही में मदद के लिए शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगने के आरोपों में एक मामला दर्ज किया है.’’ उन्होंने कहा कि सीबीआई ने जाल बिछाकर आरोपी को शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगने और स्वीकार करते रंगे हाथों पकड़ा. उन्‍होंने कहा कि छापेमारी के दौरान 2011 में जैन की कंपनियों के नाम पर दो करोड़ रुपये जमा वाली आईडीबीआई बैंक की पर्चियां भी मिलीं. उन्होंने कहा कि उनके, उनकी पत्नी के तथा एक निजी एस्टेट फर्म के नाम पर 41 चेक बुक भी मिले हैं. सीबीआई ने आधा किलोग्राम सोना तथा 24 लाख रुपये नकद बरामद करने का भी दावा किया है लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि ये भी दिल्ली के मंत्री जैन से संबंधित है या नहीं.

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