गुजरात चुनाव में ‘रार’ के बाद संसद में पीएम मोदी ने मनमोहन सिंह से मिलाया हाथ

नई दिल्ली ;

संसद के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन लोकतंत्र की खूबसूरती का एक नजारा देखने को मिला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलने पहुंचे. दोनों नेताओं के बीच लंबी बातचीत हुई. तीन तलाक का मुद्दा राज्य सभा में अटकने के बाद भी पीएम मोदी का विपक्षी नेताओं से मुलाकात लोकतंत्र की खूबसूती बयां कर रही थी. शीतकालीन सत्र की शुरुआत में कांग्रेस ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया था कि बीजेपी नेताओं की ओर से मनमोहन सिंह के लिए की गई टिप्पणी के लिए माफी मांगी जाए.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस मुद्दे पर कहा था कि वे मनमोहन सिंह की इज्जत करते हैं, जिसके बाद मामला शांत हुआ था. गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी नेताओं ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पर पाकिस्तानी अधिकारियों के साथ गुप्त मुलाकात करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद पूर्व पीएम ने भी आपत्ति जताई थी. अब संसद सत्र के आखिरी दिन पीएम मोदी का मनमोहन सिंह से मिलते देखकर ऐसा लग रहा था मानो संसद सत्र खत्म होते ही सारे गिले-शिकवे खत्म हो चुके हैं.

इसके बाद वह नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद के पास गये और उनसे हाथ मिलाया. उन्होंने समीप ही खड़े पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कुछ समय बातचीत भी की. उल्लेखनीय है कि शीतकालीन सत्र शुरू होने के दौरान कांग्रेस के सदस्यों ने गुजरात चुनाव के प्रचार के समय प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मनमोहन के खिलाफ की गयी कथित टिप्पणी को लेकर काफी हंगामा किया था. बाद में सदन के नेता अरुण जेटली ने सदन में बयान दिया था कि प्रधानमंत्री के बयान में पूर्व प्रधानमंत्री सहित किसी भी नेता की देशभक्ति को लेकर कोई सवाल नहीं उठाया गया.

प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डा. कर्ण सिंह एवं जनार्दन द्विवेदी से भी हाथ मिलाकर बातचीत की. दोनों नेताओं का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है तथा उन्हें शुक्रवार को सदन में विदाई दी गयी. उन्होंने उपसभापति पी जे कुरियन से भी हाथ मिलाकर उनका अभिवादन किया.

संसद के शीतकालिन सत्र को ‘सफल’ बताते हुए संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने शुक्रवार को कहा कि संसद की सिर्फ 13 बैठकों में दोनों सदनों में 22 विधेयक पारित हुए. लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो जाने के बाद संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, “इस दौरान लोकसभा और राज्यसभा की उत्पादकता क्रमश: 91.58 प्रतिशत और 56.29 प्रतिशत रही.”

मंत्री ने विपक्षी पार्टियों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए कहा, “इस सत्र में 13 बैठकें हुईं. आठ कार्यदिवसों में दोनों सदनों में 22 विधेयक पारित किए गए.”

मुस्लिम महिला (विवाह संरक्षण) विधेयक, 2017 और संविधान (123वां संशोधन) विधेयक, 2017 पारित नहीं होने के सवाल पर उन्होंने आशा जताई कि यह विधेयक 29 जनवरी से शुरू हो रहे बजट सत्र में पारित हो जाएगा.

उन्होंने कहा, “सरकार तीन तलाक और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग जैसे राष्ट्रीय महत्व के विधेयकों पर सभी पार्टियों से सहयोग की अपेक्षा रखती है.”

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