राहुल गांधी के खिलाफ बगावत करने वाले शहजाद पूनावाला क्‍या पुराने भाजपाई हैं?

नई दिल्‍ली ;

राहुल गांधी के कांग्रेस अध्‍यक्ष पद का चुनाव लड़ने के मुद्दे पर सवाल उठाने वाले महाराष्‍ट्र कांग्रेस के सचिव रहे शहजाद पूनावाला अपनी ही पार्टी में घिरते नजर आ रहे हैं. महाराष्‍ट्र कांग्रेस के नेता अशोक चव्‍हाण ने तो शहजाद को कांग्रेसी ही मानने से इनकार कर दिया था. उसी फेहरिस्‍त में नया नाम कांग्रेस समर्थक गौरव पांधी का है. अपने ट्विटर हैंडल पर खुद को नेहरूवादी विचारों से प्रभावित कांग्रेसी कहने वाले गौरव पांधी ने शहजाद पूनावाला पर सवाल खड़े किए हैं.

उन्‍होंने शहजाद पूनावाला की एक पुरानी फोटो शेयर की है, जिसमें वह बीजेपी के नेता गोपीनाथ मुंडे समेत कई अन्‍य नेताओं के साथ दिख रहे हैं. इस पर तंज कसते हुए गौरव पांधी ने लिखा, ”मुझे नहीं पता था कि शहजाद पूनावाला ने किशोरावस्‍था में बीजेपी कार्यकर्ता के रूप में अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था.” उन्‍होंने शहजाद पूनावाला के बीजेपी या आप में जाने की अटकलों की तरफ इशारा करते हुए यह भी कहा, ”तो क्‍या ये घर वापसी है? या ‘AAP’ की नजरों ने समझा प्‍यार के काबिल तुम्‍हें.”

राहुल गांधी की कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर ताजपोशी पर सवाल उठाकर महाराष्‍ट्र कांग्रेस के सचिव शहजाद पूनावाला में राजनीति में हलचल मचा दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शहजाद पूनावाला की बात को गुजरात की अपनी रैली में जिक्र करते हुए कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र का अभाव बताया. दरअसल शहजाद ने राहुल गांधी के चुनाव को धांधली करार देते हुए कहा था कि ये इलेक्‍शन नहीं सेलेक्‍शन है. पीएम मोदी ने कहा था, ”शहजाद महाराष्‍ट्र कांग्रेस में बड़े नेता हैं. कांग्रेस ने उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की और उनको अपने सोशल मीडिया ग्रुप से हटाने का भी प्रयास किया. ये कैसी सहनशीलता है?”

इस हलचल की चपेट में खुद पूनावाला परिवार भी आ गया है. शहजाद के बयान के खिलाफ खुद उन्हीं के भाई तहसीन खड़े हो गए हैं. विवाद इतना बढ़ गया कि तहसीन ने अपने भाई से रिश्ते तक खत्म करने का ऐलान कर दिया है. शहजाद पूनावाला महाराष्‍ट्र कांग्रेस के सचिव तो रहे ही हैं, उसके साथ-साथ उनका गांधी परिवार से भी करीबी का रिश्ता रहा है. दरअसल, शहजाद के भाई तहसीन पूनावाला प्रियंका गांधी के ननदोई हैं. रॉबर्ड वाड्रा की कजिन मोनिका वाड्रा की शादी तहसीन पूनावाला के साथ हुई है. 2015 में इनकी शादी हुई थी.

33 साल की मोनिका ज्वैलरी डिजाइनर हैं और स्टोन ज्वैलरी का बिजनेस चलाती हैं. इसके अलावा वह एक अच्छी शेफ और फैशन डिजाइनर भी हैं. हालांकि राजनीति से मोनिका का कोई लेना-देना नहीं है. तहसीन पूनावाला की बात करें तो वे पुणे के एक बड़े बिजनेसमैन हैं. राजनीति में उनकी गहरी रुचि है और तहसीन को अक्सर टीवी की स्क्रीन या पत्र-पत्रिकाओं के पन्नों पर पार्टी प्रवक्ता की तरह कांग्रेस के पक्ष में बहस करते हुए देखा जा सकता है.

तहसीन पहली बार चर्चा में उस समय आए जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहले चाय बेचने की बात पर रेलवे में आरटीआई दाखिल किया. तहसीन ने आरटीआई में पूछा था कि क्या मोदी ने कभी किसी रेलवे स्टेशन पर चाय बेची है, अगर हां, तो रजिस्ट्रेशन नंबर, वेंडर पास आदि उपलब्ध कराए जाएं.

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