आईओएस के मुकाबले एंड्रॉयड इतने गुणा ज्यादा डाटा कलेक्ट कर रहा, नए शोध में किया दावा

नैशविले ; 

कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि गूगल, मोबाइल फोन यूजर के लोकेशन सर्विस के ऑफ रहने के बावजूद उसके लोकेशन की खबर रखता है. अब एक नए शोध में यह पता चला है कि गूगल का मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम एंड्रॉयड, एप्पल के ऑपरेटिंग सिस्टम आईओएस के मुकाबले 10 गुणा ज्यादा डाटा कलेक्ट कर रहा है. यह दावा वेंडरबिल्ट यूनिवर्सिटी की तरफ से किए गए एक शोध में किया गया है.

अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने बेहद सामान्य स्थिति में पाया कि यूजर का डाटा शेयर हो रहा है, लेकिन यूजर को इसकी कोई जानकारी ही नहीं होती है. डाटा शेयर होने के पीछे के कारकों में शामिल होते हैं- एंड्रॉयड और क्रोम, सर्च करने वाले ऐप, यूट्यूब, मैप्स और गूगल एनालिटिक्स और ऐडसेंस जैस पब्लिशर टूल्स आदि.

मैशेबल के मुताबिक, गूगल ने इस शोध को लेकर ऐतराज जताते हुए कहा है कि यह शोध भ्रामक है. हालांकि शोध में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. इसमें देखा गया कि एक सामान्य एंड्रॉयड फोन में एंड्रॉयड और क्रोम दोनों गूगल के साथ डाटा शेयर कर रहे हैं. शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि क्रोम के साथ वाले एंड्रॉयड फोन ने बैकग्राउंड में 24 घंटे में गूगल को लोकेशन की सूचना 340 गुना ज्यादा शेयर किया. इस गति की तुलना जब आईओएस के साथ की गई तो एंड्रॉयड की गति बहुत अधिक थी.

गूगल ने इसी साल वर्चुअल गूगल असिस्टेंट को लेकर एक बड़ी घोषणा की थी. योजना के तहत गूगल भविष्य में मशीन लर्निंग और AI टेक्नोलॉजी के साथ आगे बढ़ेगी. जिसमें गूगल असिस्टेंट सहित गूगल के अन्य प्रोडक्ट को शामिल किया गया है.  गूगल असिस्टेंट में एक खास फीचर है, जिसमें AI तकनीक के जरिए यूजर्स की तरफ से गूगल फोन पर बातें हो सकती हैं.

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