उज्‍जैन: सावन में महाकाल की पूजा से दूर होते हैं सारे दुख, जानें क्‍या है महत्‍व

उज्‍जैन ; 

सावन महीने में महाकाल की नगरी उज्‍जैन में भक्‍तों का तांता लगना शुरू हो जाता है. उज्जैन सम्राट विक्रमादित्य की राजधानी के रूप में भी इतिहास के पन्‍नों में दर्ज है. प्राचीन काल में इस शहर को अवन्तिका के नाम से जाना जाता था. इसका उल्लेख प्राचीन धर्मग्रन्थों में भी मिलता है.

मान्यता है कि आज भी उज्जैन शहर में भगवान शिव राजाधिराज महाकाल महाराज के रूप में साक्षात निवास करते हैं. सावन, महाकाल और उज्जैन इन तीनों की पवित्र त्रिवेणी से भक्‍तों का जीवन सफल हो जाता है. सावन में शिवभक्ति और शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बनता है.

29 जून से आषाढ़ का महीना शुरू हो गया है. दूसरी तरफ इस साल अधिकमास के कारण एक महीने तक शुभ कामों जैसे विवाह आदि मुहूर्तों पर विराम लगा रहा. सावन का महीना इस साल बड़े शुभ संयोग के साथ शुरू होगा. 28 जुलाई को शुरू होने वाला सावन माह 26 अगस्त रक्षाबंधन पर खत्‍म होगा. इस साल का महीना सावन 28 या 29 दिन की बजाय पूरे 30 दिन का रहेगा. बता दें कि पिछले साल सावन 10 जुलाई से शुरू होकर 7 अगस्त तक चल था.

28 जुलाई से शुरू हो रहे पवित्र सावन माह का पहला सोमवार 30 जुलाई को आएगा. इसके बाद 6 अगस्त, 13 अगस्त और फिर आखिरी सोमवार 20 अगस्त को रहेगा. ऐसे में सावन के इन चार सोमवार को भगवान शिव की आराधना की जाएगी. मान्यता है कि सावन के सोमवार में व्रत रखने और शिवलिंग पर जल चढ़ाने से घर में सुख-समृद्धि आती है.

11 अगस्त को हरियाली अमावस्या मनाई जाएगी, जिसे सावन महीने का पहला बड़ा त्यौहार माना जाता है. ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक कई साल बाद यह संयोग बन रहा है कि हरियाली अमावस्या शनिवार के दिन पड़ रही है. हरियाली अमावस्या के बाद हरियाली तीज का व्रत 13 जुलाई को रहेगा. 15 अगस्त को देशभर में स्वतंत्रता दिवस के साथ इस बार नागपंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा, वहीं 26 अगस्त को रक्षाबंधन रहेगा.

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