गांव-गांव में मचेगी इंटरनेट की धूम, अब पड़ोस में होगा वाई-फाई हॉटस्पॉट!

मुंबई ; 

नई दूरसंचार नीति से बढ़ती डेटा जरूरतों, लागत में कटौती और लाल फीताशाही कम करने में कंपनियों को मदद मिलेगी. वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति (एनडीसीपी) 2018 को मंजूरी दी. इसमें वर्ष 2022 तक 100 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित करने और 40 लाख रोजगार सृजित करने का लक्ष्य है.

फिच ने रिपोर्ट में कहा कि इस नीति से निजी दूरसंचार कंपनियों की वृद्धि तेज होगी क्योंकि यह ब्रॉडबैंड कवरेज के विस्तार और निजी दूरसंचार कंपनियों के साथ साझेदारी पर केंद्रित होगी. एजेंसी ने कहा कि ग्राहक आधार में वृद्धि और विभिन्न क्षेत्रों खासकर ग्रामीण क्षेत्र में इंटरनेट की पहुंच से यह वृद्धि संभंव होगी.

एजेंसी ने कहा कि छह लाख गांवों को ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ने, ग्रामीण क्षेत्रों में 20 लाख और शहरी क्षेत्रों में 10 लाख वाई-फाई हॉटस्पॉट स्थापित करने जैसी परियोजनायें वास्तव में चुनौतीपूर्ण होंगी. फिच ने चेताया कि 5जी प्रौद्योगिकी लगाने में तेजी से दूरसंचार कंपनियों को 5जी स्पेक्ट्रम में निवेश करने के लिये प्रोत्साहन मिलेगा. यह 5जी स्पेक्ट्रम की कीमत पर निर्भर करेगा.

इसमें कहा गया है कि नीलामी में 5जी स्पेक्ट्रम की कीमत “बहुत अधिक” होने पर कंपनियां इससे मुंह मोड़ सकती हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि नीति में दूरसंचार क्षेत्र की कर संरचना की समीक्षा और उसे तर्कसंगत बनाने तथा स्पेक्ट्रम परिसंपत्ति के मूल्य निर्धारण को अनुकूल बनाने की योजना से कंपनियों की लागत और लाल फीताशाही में कमी आ सकती है.

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