‘जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था हो रही है बेहतर, अब तक 95 आतंकी मार गिराये गए’

नई दिल्ली ;

केन्द्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था की हालत में पिछले एक साल में काफी सुधार आने का हवाला देते हुये कहा है कि हिंसा से दूर रहकर संविधान के दायरे में काम करने वाले सभी संगठनों से वह बातचीत के लिये तैयार है. केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने बुधवार (19 जुलाई) को राज्य सभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि जम्मू कश्मीर सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक साल में राज्य की कानून व्यवस्था काफी सुधरी है.

आंकड़ों के हवाले से उन्होंने कहा कि पिछले साल दर्ज हुये 2897 मामलों की तुलना में इस साल अब तक 583 मामले ही दर्ज किये गये हैं. उन्होंने कहा कि इसके लिये राज्य पुलिस द्वारा कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिये किये गये प्रयासों के तहत 2016 में 12650 अलगाववादियों को गिरफ्तार किया गया. साथ ही निवारक कानूनों के तहत उपद्रवियों और अलगाववादियों पर रोक लगाने के साथ अलगाववादी हिंसा की साजिशों को नाकाम करने के लिये संवेदनशील क्षेत्रों में प्रतिबंध लगाते हुये राज्य में सुरक्षा बलों द्वारा कड़ी चौकसी बरती जा रही है.

अहीर ने कहा कि उपद्रवियों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिये की जा रही विशेष पहल के तहत पुलिस द्वारा उनके साथ संपर्क बढ़ाने हेतु खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन, सामुदायिक पुलिस व्यवस्था और उपद्रवियों को समझाना आदि शामिल है. उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को उग्रवाद के रास्ते से दूर ले जाने के लिये उन्हें रोजगार के अवसर मुहैया कराने सहित उन्हें मुख्यधारा में लाने की नीतियों को प्रोत्साहित करती है. इसके लिये 10 हजार एसपीओ की अतिरिक्त भर्ती, नवगठित पांच इंडिया रिजर्व बटालियनों में लगभग 5381 कार्मिकों की भर्ती, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स में 1079 कार्मिकों की भर्ती को अनुमोदित किया गया है.

अहीर ने कहा कि कुछ सामाजिक योजनाओं के तहत स्नातकों और त्रिवर्षीय इंजीनियरिंग डिप्लोमाधारकों के कौशल और रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा निजी क्षेत्र में नौकरियों का प्रस्ताव उपलब्ध कराने के लिये उड़ान योजना और निजी क्षेत्र में नियमित वेतन वाली नौकरियां दिलवाने या स्वरोजगार हेतु कौशल अधिकारिता एवं रोजगार कार्यक्रम के लिये हिमायत योजना शुरु की गयी है.

उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर से बाहर संचालित कॉलेजों और संस्थानों में पढ़ने के लिये बारहवीं और समकक्ष परीक्षायें उत्तीर्ण कर चुके छात्रों को वित्तीय मदद मुहैया कराने के लिये विशेष छात्रवृत्ति योजना शुरु कराने के साथ प्रधानमंत्री ने नवंबर 2015 में 80068 करोड़ रुपये विकास पैकेज की भी घोषणा की थी. एक अन्य सवाल के जवाब में अहीर ने कहा कि राज्य में इस साल नौ जुलाई तक आतंकी हिंसा की 172 घटनायें दर्ज की गयी हैं. इनमें 12 स्थानीय नागरिक और सुरक्षा बल के 38 जवान मारे गये जबकि इसी अवधि में 95 आतंकवादी भी मार गिराये गये.

केन्द्र सरकार ने कहा है कि जम्मू कश्मीर में आतंकवादी अपने एजेंडा को फैलाने और भर्ती अभियान चलाने के लिये इंटरनेट का दुरुपयोग कर रहे हैं. गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने बुधवार (19 जुलाई) को राज्य सभा में कश्मीर के सुरक्षा हालात से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा कि राज्य में इंटरनेट के दुरुपयोग को देखते हुये सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां लोकप्रिय सोशल मीडिया साइट्स की नियमित निगरानी कर रही है.

उन्होंने कहा कि आतंकवादी संगठन अपने एजेंडा को फैलाने और भर्ती अभियान में भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर रहे हैं. अहीर ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों ने सोशल मीडिया के मार्फत राष्ट्रविरोधी, भड़काऊ और आतंक से जुड़ी सामग्री के प्रसारण पर कार्रवाई भी की है. उन्होंने कहा कि इंटरनेट के दुरुपयोग को रोकने के लिये पुख्ता इंतजाम किये गये हैं.

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