प्रद्युम्न मर्डर केस: रायन स्कूल के ट्रस्टी ग्रेस और रायन पिंटो की अग्रिम जमानत रद्द

बंबई ;

गुरुग्राम पुलिस ने गुरुवार (14 सितंबर) को रेयान इंटरनेशनल स्कूल के माली हरपाल सिंह को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की जो कक्षा-2 के छात्र प्रद्युम्न की हत्या के मामले में महत्वपूर्ण गवाह है. मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना है. यह जानकारी विशेष जांच दल (एसआईटी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी. इस बीच, बंबई उच्च न्यायालय ने रेयान इंटरनेशनल स्कूल के तीन न्यासियों की अग्रिम जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया, लेकिन उन्हें अपील दायर करने के लिए शुक्रवार (15 सितंबर) तक के लिए गिरफ्तारी से राहत दे दी.

अदालत ने समूह के सीईओ रेयान पिंटो और उसके माता पिता-संस्थापक सदस्य ऑगस्ताइन पिंटो और समूह प्रबंध निदेशक ग्रेस पिंटो को यह निर्देश भी दिया कि वे अपने पासपोर्ट मुंबई पुलिस को सौंप दें. गुरुग्राम में एसआईटी ने और अधिक सबूत जुटाने के प्रयास जारी रखे क्योंकि इसने जल्द आरोपपत्र दायर करने का फैसला किया है.

इससे पहले बंबई उच्च न्यायालय ने बुधवार (13 सितंबर) को रायन इंटरनेशनल स्कूल के ट्रस्टियों द्वारा दायर की गई अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई को गुरुवार (14 सितंबर) सुबह तक के लिए स्थगित कर दी दी. रायन स्कूल के ट्रस्टियों ने गुरुग्राम शाखा के कक्षा दो के छात्र प्रद्युम्न की हत्या के मामले में अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की थी.

अदालत ने यह स्थगन कक्षा दो के छात्र प्रद्युम्न के पिता की हस्तक्षेप अर्जी के बाद दिया था. प्रद्युम्न की हरियाणा के गुरुग्राम में भोंडसी स्थित रायन स्कूल में 8 सितंबर को गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. प्रद्युम्न के पिता ने अपनी अर्जी में स्कूल के ट्रस्टियों द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका खारिज करने की मांग की थी.

मृतक बच्चे के पिता वरुण ठाकुर ने अपने वकीलों सुशील के. टेकरीवाल और ममता टेकरीवाल के माध्यम से स्कूल के तीन ट्रस्टियों- अगस्तीन एफ. पिंटो, ग्रेस पिंटो और रायन पिंटो की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई में हस्तक्षेप किया था. रायन इंटरनेशनल स्कूल की शाखाओं के प्रबंधन के लिए जिम्मेदार सेंट जेवियर्स एजुकेशनल ट्रस्ट के ट्रस्टियों ने गिरफ्तारी की आशंका के मद्देनजर सोमवार (11 सोमवार) को जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी.

सीबीएसई ने स्कूल परिसरों में छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूलों पर डालते हुए संस्थानों में लागू करने के लिए सुरक्षा संबंधी नये दिशानिर्देश ने गुरुवार (14 सितंबर) को जारी किये. इन्हें नहीं लागू करने पर उनकी मान्यता वापस ली जा सकती है. ये दिशानिर्देश गुड़गांव के एक स्कूल में सात वर्षीय एक बच्चे की हत्या और दिल्ली के एक स्कूल में पांच वर्षीय बच्ची से एक स्कूल कर्मी द्वारा बलात्कार की घटनाओं के बाद स्कूल परिसरों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ने के बीच आये हैं.

बोर्ड की ओर से निर्धारित उपायों में सुरक्षा ऑडिट, सीसीटीवी कैमरे लगाना, पुलिस सत्यापन, मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन, छात्रों की सुरक्षा जरूरतों के समाधान के लिए अभिभावक…शिक्षक…छात्र समिति गठन और अभिभावकों से नियमित फीडबैक लेना शामिल है.

सीबीएसई के दिशानिर्देशों में कहा गया है, ‘‘स्कूल परिसर में छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल स्कूल प्रशासन पर होगी. यह बच्चे का मूलभूत अधिकार है कि वह ऐसे वातावरण में पढ़ाई करे जिसमें वह सुरक्षित महसूस करे तथा किसी तरह के शारीरिक या भावनात्मक उत्पीड़न से मुक्त हो.’’ इसमें यह भी कहा गया है कि स्कूल इमारत में किसी बाहरी का प्रवेश नियंत्रित होना चाहिए और आगंतुकों की निगरानी होनी चाहिए.

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