‘बापू के आशीर्वाद’ वाले पत्र की होगी नीलामी, ‘चरखे’ को बताया था बड़ा हथियार

बोस्टन ; 

अमेरिका के नीलामी घर आरआर ऑक्शन के मुताबिक महात्मा गांधी द्वारा चरखे के महत्व पर जोर देते हुए लिखा गया एक बिना तारीख वाला पत्र 5,000 डॉलर में नीलाम हो सकता है. नीलामी घर ने एक बयान में बताया कि यशवंत प्रसाद नाम के किसी व्यक्ति को लिखा गया यह पत्र गुजराती में है और यह “बापू का आशीर्वाद” से हस्ताक्षरित है. गांधी ने पत्र में लिखा है, “हमने जो चरखे के बारे में सोचा था, वह हो गया.”

उन्होंने लिखा, “हालांकि तुमने जो कहा वह सही है, यह सब कुछ करघों पर निर्भर करता है.” गांधी द्वारा चरखे का उल्लेख अत्याधिक महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने इसे आर्थिक स्वतंत्रता के प्रतीक के तौर पर अपनाया था. स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भारतीयों को सहयोग के लिए उन्हें हर दिन खादी कातने के लिए समय देने के लिए प्रेरित किया था. उन्होंने स्वदेशी आंदोलन के तहत सभी भारतीयों को अंग्रेजों द्वारा बनाए गए कपड़ों की बजाए खादी पहनने के लिए प्रोत्साहित किया था.

चरखा और खादी भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के प्रतीक बन गए थे. ऑनलाइन नीलामी 12 सितंबर को समाप्त हो जाएगी. गौरतलब है कि महात्मा गांधी ने अपने जिस पत्र में ईसा मसीह की मौजूदगी की प्रकृति पर चर्चा की थी, उसे इसी साल मार्च में नीलामी के लिए रखा गया था. इस पत्र पर छह अप्रैल, 1926 की तिथि अंकित थी और गांधी ने इसे भारत में अपने साबरमती आश्रम से लिखा था.

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