मीडिया वाले कहते रहे ‘कुछ तो बोलिए’, तलवार दंपत्ति कार से उतरे और घर में चले गए

नोएडा ;

इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से आरुषि-हेमराज दोहरे हत्याकांड में बरी किये गये दंत चिकित्सक दंपति राजेश और नूपुर तलवार सोमवार गाजियाबाद की डासना जेल से बाहर आ गए. तलवार दंपति चार बजकर 55 मिनट पर जेल के मुख्य दरवाजे से बाहर आए. वे तकरीबन पिछले चार वर्ष से सलाखों के पीछे थे. उनके चेहरे पर उदासी के भाव थे. राजेश सफेद कमीज और नीली पेंट पहने हुए थे जबकि उनकी पत्नी नारंगी कुर्ते के साथ सफेद सलवार और दुपट्टा पहने थीं. उनके पास बैग भी थे.

आरुषि के चाचा दिनेश तलवार और वकील तनवीर अहमद मीर चार बजकर 48 मिनट पर जेल पहुंचे. तलवार दंपत्ति के जेल से बाहर आने पर फोटोग्राफर और कैमरामैन उन्हें अपने कैमरे में कैद करने में जुट गये. इसके बाद वे कार में जाकर बैठ गये. पुलिस ने तलवार दंपति को नोएडा के जलवायु विहार स्थित नूपुर के माता-पिता के घर पहुंचाया. नूपुर के पिता बी जी चिटनिस भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन रहे हैं.

चिटनिस का फ्लैट उसी इलाके में है जहां तलवार दंपति का आवास था, जिसमें 2008 में उनकी बेटी आरुषि और घरेलू नौकर हेमराज की हत्या कर दी गई थी. मीडिया और जलवायु विहार के लोग चिटनिस के फ्लैट के सामने एकत्रित हो गये.

शाम करीब छह बजे कार इस सोसायटी में पहुंची. सामने की सीट पर बैठे दिनेश ने कार से उतरकर मौजूद मीडिया से परिवार की निजता का सम्मान करने को कहा. इससे पहले उनकी पत्नी वंदना ने तलवार दंपति को अकेला छोड़ने का अनुरोध किया था. पांच मिनट बाद पीछे की सीट पर बैठे तलवार दंपति कार से बाहर निकले और फ्लैट की सीढ़ियों की तरफ बढ़ गये. उन्होंने मीडिया से एक शब्द भी नहीं कहा.

राजेश तलवार के भाई दिनेश तलवार  ने कहा कि आरुषि अच्छी लड़की थी और हेमराज भी खराब नहीं था. दोनों ही दोषी नहीं हैं. तलवार दंपति के घर पहुंचने के दो घंटे बाद दिनेश तलवार मीडिया के सामने आए. उन्होंने सभी लोगों को  शुक्रिया कहा और अपने भाई व उनकी पत्नी की रिहाई पर खुशी व्यक्त किया. उन्होंने उन सभी लोगों का आभार जताया जिन्होंने इस बुरे वक्त में उनका साथ दिया.

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