मोदी सरकार बेच रही है सस्ता सोना, 3 दिन का है ऑफर; यहां समझे खरीदने का पूरा प्रोसेस

नई दिल्‍ली ; 

त्योहारी सीजन में लोग सोना खरीदते हैं. इसके पीछे की वजह है हमारी परंपरा. पूर्वज कहते आए हैं कि पैसे निवेश करने के लिए सोना सबसे उपयुक्त है. हालांकि सोना खरीदने में रिस्क भी होता है. बाजार में किस दुकान पर सही क्वालिटी का और सही कीमत पर सोना दे रहा है इसपर हमेशा संशय बना रहत है. ग्राहकों की इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार ने इस साल भी सोना बेचने का फैसला लिया है. अच्छी बात यह है कि सरकार से सोना खरीदने पर आपको इसे रखने की भी झंझट नहीं होगी. दरअसल, 15 अक्‍टूबर से सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड (SGB) निवेश के लिए खुला है. हमारी सहयोगी वेबसाइट zeebiz.com/hindi के मुताबिक इसमें आप 19 अक्‍टूबर तक निवेश कर सकते हैं. इसका बॉन्‍ड आपको 23 अक्‍टूबर को जारी किया जाएगा. RBI ने पहले ही कहा था कि सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड अक्‍टूबर 2018 से फरवरी 2019 तक हर महीने जारी किया जाएगा. अगले महीने आप इसमें 5 से 9 नवंबर तक निवेश कर सकते हैं. इसके बॉन्‍ड 13 नवंबर को आपको जारी किया जाएगा. हालांकि, अभी SGB में निवेश करने का सुनहरा मौका है और यह काफी सस्‍ते में मिल रहा है.

मौजूदा वक्त में बाजार में सोने का भाव लगभग 3,200 रुपये प्रति ग्राम चल रहा है जबकि SGB का इश्‍यू प्राइस 3,146 रुपये प्रति ग्राम है. अगर आप सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड में निवेश करना चाहते हैं और इसके लिए ऑनलाइन पेमेंट करते हैं तो आपको ज्‍यादा फायदा होगा. ऑनलाइन पेमेंट करने पर आपको प्रति ग्राम 50 रुपये की छूट मिलेगी. मतलब आप 3,096 रुपये प्रति ग्राम के हिसाब से सोना खरीद सकते हैं.

SGB की बिक्री बैंकों, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन आफ इंडिया लि. (SHCIL), चुने गए डाकघरों और मान्यता प्राप्त शेयर बाजारों मसलन नेशनल स्टाक एक्सचेंज (NSE) और बंबई शेयर बाजार (BSE) के जरिये होगी.

ऑनलाइन और डिजिटल पेमेंट करने वाले निवेशकों को गोल्ड बॉन्ड पर 50 रुपये का डिस्काउंट दिया जा रहा है. इंडिविजुअल 500 ग्राम और हिन्दू संयुक्त परिवार एक साल के दौरान अधिकतम 4 किलोग्राम सोने की कीमत के बराबर तक का बॉन्ड खरीद सकते हैं. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के लिए परचेज प्राइस 3,146 रुपए प्रति ग्राम है. ट्रस्ट और वित्तीय वर्ष के समान इकाइयों के मामले में निवेश की ऊपरी सीमा 20 किलोग्राम है.

बॉन्‍ड पर सालाना कम से कम ढाई फीसदी का रिटर्न मिलेगा. गोल्ड बॉन्ड में किसी तरह की धोखाधड़ी और अशुद्धता की संभावना नहीं होती है. ये बॉन्ड्स 8 साल के बाद मैच्योर होंगे. मतलब साफ है कि 8 साल के बाद भुनाकर इससे पैसा निकाला जा सकता है.

बॉन्ड खरीदने के लिए निवेशक डिमांड ड्रॉफ्ट, चेक या ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं. इसके अलावा कैश पेमेंट की भी सुविधा मिलेगी लेकिन इस स्थिति में वे अधिकतम 20,000 रुपये की कीमत के ही बॉन्ड खरीद सकते हैं.

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