राज्यसभा में हंगामा : गुजरात के कांग्रेसी विधायकों का मुद्दा उठा

नई दिल्ली  ;

गुजरात के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण सोमवार को राज्यसभा की बैठक दस मिनट के लिए स्थगित की गई. कांग्रेस सदस्यों ने आरोप लगाया कि आगामी राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में पुलिस उसके विधायकों का अपहरण कर रही है और उन्हें धमकाया भी जा रहा है. शून्यकाल में सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए कांग्रेस सदस्य आसन के समक्ष आ गए. उनके आरोप का विरोध करते हुए भाजपा सदस्य भी अपने स्थान से आगे आ गए. हंगामे की वजह से उप सभापति पी जे कुरियन ने 11 बज कर 30 मिनट पर बैठक को दस मिनट के लिए स्थगित कर दिया.

सदन की बैठक शुरू होने पर गुजरात का मुद्दा कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री ने उठाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने नियम 267 के तहत एक नोटिस दिया है. उन्होंने राज्य के राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के विधायकों का अपहरण किया जा रहा है, उन्हें धमकाया जा रहा है और 10 से 15 करोड़ रूपये की पेशकश की जा रही है. यह सब आठ अगस्त को होने जा रहे राज्यसभा चुनावों में वोट के मद्देनजर किया जा रहा है. नियम 267 के तहत दिए गए नोटिस में , उठाए गए मुद्दे पर चर्चा के लिए कामकाज निलंबित किए जाने का प्रावधान होता है.

उप सभापति कुरियन ने कहा कि वह मिस्त्री के नियम 267 के तहत दिए गए नोटिस को स्वीकार नहीं कर रहे हैं क्योंकि यह मुद्दा शुक्रवार को उठाया गया था और संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इस पर सरकार का पक्ष भी रखा था. मिस्त्री का नोटिस अस्वीकार किए जाने के बाद कांग्रेस सदस्य सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए आसन के समक्ष आ गए. नकवी ने कांग्रेस पर अपने ही विधायकों का अपहरण कर उन्हें एक हॉलीडे रिजॉर्ट में रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने यह सब ऐसे समय पर किया है जब गुजरात में बाढ़ आई है और लोग बुरी तरह परेशान हो रहे हैं. उन्होंने कहा ‘‘आपको शर्म आनी चाहिए.’’ साथ ही उन्होंने कांग्रेस को इस मुद्दे पर सदन में चर्चा करने की चुनौती भी दी. इस बीच भाजपा सदस्य भी अपने स्थानों से आगे आ कर , कांग्रेस सदस्यों की नारेबाजी का जवाब देने लगे.

कुरियन ने कहा कि संसदीय कार्य राज्य मंत्री नकवी कह रहे हैं कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है. उन्होंने हंगामा कर रहे कांग्रेस सदस्यों से कहा, ‘‘अगर आप चर्चा चाहते हैं तो अलग से नोटिस दीजिए, हम उस पर विचार करेंगे.’’ उन्होंने कहा ‘‘अगर आपको सरकार से कोई शिकायत है तो आप दूसरे सदस्यों के अधिकारों को क्यों बाधित कर रहे हैं. शून्यकाल में सदस्य अपने मुद्दे उठाते हैं और उनके अधिकारों को बाधित किया जा रहा है. आज 30 सदस्यों ने अपने अपने मुद्दे शून्यकाल के तहत उठाने के लिए नोटिस दिए हैं. नारे लगाने से आपको कुछ भी हासिल नहीं होगा.’’

हंगामे के बीच ही कुरियन ने अन्नाद्रमुक के ए के सेल्वाराज से उन्होंने अपना मुद्दा उठाने के लिए कहा. सेल्वाराज ने तमिलनाडु में हाइड्रोकार्बन के खनन का मुद्दा उठाया और सरकार से ऐसी गतिविधियां रोकने का अनुरोध करते हुए कहा कि इस खनन से भूजल स्तर और फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. इसके बाद हंगामे के मध्य अन्नाद्रमुक के ही एस मुथुकरप्पन ने श्रीलंका की जेलों में बंद तमिलनाडु के 75 मछुआरों का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि सरकार को इन मछुआरों की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करनी चाहिए. साथ ही श्रीलंका की नौसेना से मछुआरों की नौकाएं भी छोड़ने के लिए कहना चाहिए.

इस दौरान कांग्रेस सदस्यों का हंगामा जारी रहा. भाजपा सदस्यों ने कांग्रेस सदस्यों के आरोपों के जवाब में अपने स्थानों से आगे आ कर नारे लगाए. उप सभापति कुरियन ने दोनों ही पक्षों के सदस्यों से अपने स्थानों पर लौट जाने और शून्यकाल चलने देने का अनुरोध किया. अपनी बात का असर होते न देख उन्होंने 11 बज कर 30 मिनट पर बैठक को दस मिनट के लिए स्थगित कर दिया. उच्च सदन की बैठक जब 11 बज कर 40 मिनट पर पुन: शुरू हुई तब सदन में शून्यकाल सामान्य रूप से चला.

गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव के लिए गुजरात से सत्ताधारी भाजपा ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए एक विधायक को अपना उम्मीदवार बनाया है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल गुजरात से राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी के प्रत्याशी हैं.

loading...