7वां वेतन आयोग: जानिए अब तक क्या-क्या हुआ, सरकार दे चुकी है ये 4 बड़े तोहफे

नई दिल्ली ; 

केंद्रीय कर्मचारी अपनी सैलरी बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं. उम्मीद की जा रही है कि उनकी सैलरी में 15 अगस्त से इजाफा होगा. वहीं, उनकी मांग के मुताबिक सरकार उनके वेतन में बढ़ोतरी कर सकती है. हालांकि, सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि 18000 रुपए के बजाए न्यूनतम वेतन 26000 रुपए करने का सवाल नहीं है. सूत्रों की मानें तो न्यूनतम वेतन 21000 रुपए तक बढ़ाया जा सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 15 अगस्त को सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की जा सकती है. लेकिन, सरकार ने सिफारिशों के बाद से अब तक क्या-क्या फायदा कर्मचारियों को दिया यह जानना जरूरी है.

केंद्र सरकार ने यूनिवर्स‍िटीज और कॉलेज से सेवानिवृत्त हुए 23 लाख कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया. सरकार ने इनकी पेंशन में संशोधन किया है. यह संशोधन 7वें वेतन आयोग की सिफारिश के आधार पर किया गया. इसका फायदा 25 हजार से ज्यादा मौजूदा पेंशनर्स को मिलेगा. इन्हें 6 हजार से 18 हजार रुपए तक का फायदा मिलेगा. इनके अलावा 23 लाख अन्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी इसका फायदा मिलने की बात कही गई. इससे पहले भी सरकार ने अपने कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग की कुछ सिफा‍रिशें लागू कर तोहफा दिया है.

भले ही केंद्र सरकार ने 50 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन में फिलहाल बढ़ोतरी न की हो, लेकिन उसने ग्रामीण डाक सेवकों को जरूर खुश होने की वजह दी है. इसी महीने की शुरुआत में हुई कैबिनेट बैठक में डाक विभाग से जुड़े इन पार्ट टाइम कर्मियों के पारितोषिक में सातवें वेतन आयोग के हिसाब से 56 फीसदी तक का इजाफा किया गया है. इन्हें 1 जनवरी 2016 से यह एरियर प्रदान किया जाएगा.

पिछले साल नवंबर में केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर केंद्रीय कर्मचारियों को डेप्युटेशन पर दिए जाने वाले भत्ते में भारी बढ़ोतरी की थी. इस दौरान कार्मिक मंत्रालय ने इस भत्ते को दो हजार रुपए से बढ़ाकर 4,500 रुपए प्रति माह करने की घोषणा की थी. कार्मिक मंत्रालय ने कहा था कि ‘एक ही स्थान पर डेप्यूट होने वाले कर्मचारियों को भत्ता मूल वेतन का 5 फीसदी मिलेगा. हर महीने यह अध‍िकतम 4500 रुपये तक हो सकता है. वहीं, अगर डेप्युटेशन दूसरे शहर में होता है, तो वहां भत्ता मूल वेतन का 10 फीसदी होगा और यह अधिकतम 9,000 रुपए प्रति माह होगा.

अक्टूबर, 2017 में केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करते हुए यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) और केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोष‍ित किए जाने वाले संस्थानों के 8 लाख कर्मचारियों को तोहफा दिया था. इस फैसले से इन श‍िक्षकों का वेतन 10400 रुपये से 49800 रुपये की रेंज में पहुंच गया था.

जून, 2016 में केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचरियों का न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 18 हजार रुपये कर दिया था. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस दौरान बताया था कि एरियर्स भी इसी वित्त वर्ष से दिए जाएंगे. हालांकि अब सरकारी कर्मचारी न्यूनतम वेतन को 18 से 21 हजार रुपये करने की मांग उठा रहे हैं. यह मांग काफी लंबे समय से चली आ रही है. हालांकि अभी सरकार ने इस पर अमल नहीं किया है.

वेतन आयोग का गठन सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बदलाव को लेकर सुझाव देने की खातिर बनाया गया है. आयोग के सुझाव पर ही कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन और अन्य तरह के भत्तों में बदलाव किया जाता है. अब तक 7 वेतन आयोग गठित किए जा चुके हैं.इस दौरान सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर सरकारी कर्मचारियों को कई सौगात दी हैं.

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