BCCI ने कॉम्प्लिमेंटरी टिकट घटाकर आधे किए, प्रशासकों की बैठक में लिया गया फैसला

नई दिल्ली ;

कई राज्य इकाईयों की तरफ से कॉम्प्लिमेंटरी टिकटों की संख्या को लेकर अंसतोष जताए जाने के बाद प्रशासकों की समिति (सीओए) ने शनिवार को हुई बैठक में 600 अतिरिक्त कॉम्प्लिमेंटरी टिकट मेजबान इकाई को देने का फैसला किया. ये टिकट बीसीसीआई के हिस्से से दिये जायेंगे जो बची हुई वेस्टइंडीज सीरीज के मुकाबलों पर लागू होंगे. नये संविधान के अनुसार 90 प्रतिशत टिकट आम जनता के लिये और केवल 10 प्रतिशत ही कॉम्प्लिमेंटरी टिकट मेजबान संघ के लिये जारी किये जाते हैं. बीसीसीआई के पास अपने प्रायोजकों और प्रशासकों के लिये अनिवार्य पांच प्रतिशत कॉम्प्लिमेंटरी टिकट होते थे.

मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ ने इसी कारण 24 अक्टूबर को इंदौर वनडे की मेजबानी करने में इनकार कर दिया था. बंगाल क्रिकेट संघ और तमिलनाडु क्रिकेट संघ ने भी कहा था कि अगर यही इंतजाम रहता है तो वे भी मैचों की मेजबानी नहीं कर पाएंगे. सीओए ने शनिवार को दिल्ली में मुलाकात की और मेजबान संघों को सुनिश्चित किया कि बीसीसीआई अपने हिस्से के 1200 कॉम्प्लिमेंटरी टिकट को घटाकर 604 कर देगा.

सीओए ने राज्य इकाईयों केा लिखे पत्र में कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय के आदेश के अंतर्गत प्रशासकों की समिति ने बीसीसीआई की जरूरतों को 1200 से घटाकर 604 तक सीमित कर दिया है ताकि मेजबानी करने वाले राज्य संघ के लिये कॉम्प्लिमेंटरी टिकट की उपलब्धता अधिक हो सके.’’

24 अक्टूबर को इंदौर में होनेवाले मैच को लेकर दुविधा की स्थिति है. होल्कर स्टेडियम की क्षमता 27000 दर्शकों की है. नियम के मुताबिक एमपीसीए के पास 2700 मुफ्त टिकट होंगे. बीसीसीआई ने भी अपने प्रायोजकों के लिए मुफ्त पास में हिस्सा मांगा है और यही विवाद की वजह है. एमपीसीए के संयुक्त सचिव मिलिंद कनमादिकर ने उस समय कहा था कि अगर बीसीसीआई मुफ्त टिकट की अपनी मांग से पीछे नहीं हटता है तो इंदौर में भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच का आयोजन संभव नहीं होगा.

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